टी वी सर्वे का कड़वा सच
कल रात न डी टी वी पर एक सर्वे दिया गया उसमे उन्होंने कहा कि उनका सर्वे सबसे ज्यादा भरोसेमंद है। जब उन्होंने बताया की उन्होंने 154 सीटो के लिए 46354 लोगो का इंटरव्यू लिया था तो मै हैरान रह गया क्योंकि इसका मतलब है की एक लोक सभा सीट के लिए उन्होंने करीब 320 लोगो का इंटरव्यू लिया था जबकि एक लोक सभा सीट पर 16 लाख लोग मतदान करते है। तो सिर्फ 320 मतदाताओ के कहने पर आप 16 लाख लोगो का रुख कैसे तय करसकते है। इसका मतलब साफ़ है की कंही न कंही कुछ तो मीडिया का स्वार्थ है।
मतदाताओ को जागरूक होना होगा की ये सब सर्वे झूठ का पुलिंदा है शायद इसीलिए ये पार्टिया गलियो में कार्यकर्ताओ से प्रचार करवाने के बजाय सीधा मीडिया तो पैसे देकर प्रचार करवा रहे है। चुनाव आयोग तो चाहिए कि इनके टीवी पर प्रचार का टोटल इनके कुल उम्मीदवारो के खर्चे में बराबर बराबर जोड़ दे।
कल रात न डी टी वी पर एक सर्वे दिया गया उसमे उन्होंने कहा कि उनका सर्वे सबसे ज्यादा भरोसेमंद है। जब उन्होंने बताया की उन्होंने 154 सीटो के लिए 46354 लोगो का इंटरव्यू लिया था तो मै हैरान रह गया क्योंकि इसका मतलब है की एक लोक सभा सीट के लिए उन्होंने करीब 320 लोगो का इंटरव्यू लिया था जबकि एक लोक सभा सीट पर 16 लाख लोग मतदान करते है। तो सिर्फ 320 मतदाताओ के कहने पर आप 16 लाख लोगो का रुख कैसे तय करसकते है। इसका मतलब साफ़ है की कंही न कंही कुछ तो मीडिया का स्वार्थ है।
मतदाताओ को जागरूक होना होगा की ये सब सर्वे झूठ का पुलिंदा है शायद इसीलिए ये पार्टिया गलियो में कार्यकर्ताओ से प्रचार करवाने के बजाय सीधा मीडिया तो पैसे देकर प्रचार करवा रहे है। चुनाव आयोग तो चाहिए कि इनके टीवी पर प्रचार का टोटल इनके कुल उम्मीदवारो के खर्चे में बराबर बराबर जोड़ दे।
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