जनता और नेता
वो चाहते है की
हम कभी ठीक से खड़े न हो पाए
वो जानते है की हम हम है
वो जानते है की वो वो है
हम जानते है की हम हम
जिस दिन मुह फेर लिया हमने
वो भी कंही के न रहेंगे क्योंकि
वो वो है और हम हम है II
निवेदक: प्रवीन चन्द्र झांझी
वो चाहते है की
हम कभी ठीक से खड़े न हो पाए
वो जानते है की हम हम है
वो जानते है की वो वो है
हम जानते है की हम हम
जिस दिन मुह फेर लिया हमने
वो भी कंही के न रहेंगे क्योंकि
वो वो है और हम हम है II
निवेदक: प्रवीन चन्द्र झांझी