व्यक्तिवाद, परिवारवाद, एक दूसरे को शहजादा, हत्यारा, चोर आदि विशेषण देते नेता, झूठे वायदे देती पार्टिया जाति, धर्म, व्यवसाय आदि के नाम पर वोट डालती जनता - क्या यही है हमारा प्रजातंत्र ?
क्या कोई बतायेगा कि गुजरात का विकास मॉडल क्या है ?
क्या कोई बतायेगा कि कांग्रेस ने अपने पिछले घोषणा पत्र के कितने वायदे पूरे किये है ?
केजरीवाल जी सिर्फ भ्रष्टाचार की बात करने से बात नही बनेगी आप किसतरह की नीतिया अपनायेगे जनता ये जानना चाहती है ?
किसी एक व्यक्ति को प्रधानमंत्री बनाने के लिए बाकी 541 चोर उच्च्के निर्वाचित हो गये तो क्या ?
ईतिहास गवाह है कि जब भी किसी व्यक्ति विशेष को पार्टी से ऊपर मानकर जनता ने वोट दिया है तब तब वो तानाशाह बना है।
वैसे भी एक सक्षम शासक के साथ साथ एक सशक्त विपक्ष भी प्रजातंत्र में जरूरी है।
इसलिए जिसे भी वोट दे उस उम्मीदवार की काबलियत देखकर दे फिर वो चाहे शासक पार्टी में आये या विपक्ष में बैठे। अच्छे लोगो की दोनों ही तरफ जरूरत है।
क्या कोई बतायेगा कि गुजरात का विकास मॉडल क्या है ?
क्या कोई बतायेगा कि कांग्रेस ने अपने पिछले घोषणा पत्र के कितने वायदे पूरे किये है ?
केजरीवाल जी सिर्फ भ्रष्टाचार की बात करने से बात नही बनेगी आप किसतरह की नीतिया अपनायेगे जनता ये जानना चाहती है ?
किसी एक व्यक्ति को प्रधानमंत्री बनाने के लिए बाकी 541 चोर उच्च्के निर्वाचित हो गये तो क्या ?
ईतिहास गवाह है कि जब भी किसी व्यक्ति विशेष को पार्टी से ऊपर मानकर जनता ने वोट दिया है तब तब वो तानाशाह बना है।
वैसे भी एक सक्षम शासक के साथ साथ एक सशक्त विपक्ष भी प्रजातंत्र में जरूरी है।
इसलिए जिसे भी वोट दे उस उम्मीदवार की काबलियत देखकर दे फिर वो चाहे शासक पार्टी में आये या विपक्ष में बैठे। अच्छे लोगो की दोनों ही तरफ जरूरत है।
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