जरा सोचिये।
प्रेस की आजादी का ढिंढोरा पीटने वाले पंजाब केसरी दिल्ली के अगर पिछले कुछ दिनों के अखबार उठाकर देखे तो पता चलेगा कि एक ही दिन एक ही अंक में आप मध्य पृष्ठ पर एक पार्टी के उम्मीदवार की जीत की उम्मीद जाहिर कर रहे है और किसी दुसरे पृष्ठ पर किसी और पार्टी के उम्मीदवार की एक ही चुनाव क्षेत्र से जीत की उम्मीद जाहिर कर रहे है, उदहारण के लिए शकूरबस्ती, त्रि नगरकी चुनाव कि खबरे। ऐसा क्यों ?
जरा सोचिये। कितनी निष्पक्ष है ये प्रेस।
प्रेस की आजादी का ढिंढोरा पीटने वाले पंजाब केसरी दिल्ली के अगर पिछले कुछ दिनों के अखबार उठाकर देखे तो पता चलेगा कि एक ही दिन एक ही अंक में आप मध्य पृष्ठ पर एक पार्टी के उम्मीदवार की जीत की उम्मीद जाहिर कर रहे है और किसी दुसरे पृष्ठ पर किसी और पार्टी के उम्मीदवार की एक ही चुनाव क्षेत्र से जीत की उम्मीद जाहिर कर रहे है, उदहारण के लिए शकूरबस्ती, त्रि नगरकी चुनाव कि खबरे। ऐसा क्यों ?
जरा सोचिये। कितनी निष्पक्ष है ये प्रेस।
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